गांव में तेंदुए का आतंक: दो बच्चो को बनाया अपना शिकार

गांव में तेंदुए का आतंक: दो बच्चो को बनाया अपना शिकार

उत्तर प्रदेश में तेंदुए का आतंक जारी है तेंदुए के हमले से दो बच्चों की जान चली गई जिसके बाद क्षेत्र के लोगो में खौफ का माहौल बना हुआ है.

कर्तनिया घाट वन्यजीव सेंचुरी के पास गांव में तेंदुए ने दो बच्चों पर हमला कर दिया, जिससे बच्चों की जान चली गई.

कर्तनिया वन्यजीव सेंचुरी के अधिकारी ने बताया कि बच्चों के शव बरामद किए गए हैं.

जिसके बाद से तेंदुए को पकड़ने के लिए टीमें लगाई गई हैं.गांव वालों के सहयोग से तेंदुए को पकड़ने की कार्यवाही जारी है.

तेंदुएं के आतंक से कर्तनिया घाट के आस-पास के गांवो में दहशत  है. सबसे पहले तेंदुए ने 9 वर्षीय रामतेज पर हमला किया और उसे घसीटते हुए जंगल में लेकर चला गया.
 
वहीं दूसरा हमला 4 वर्षीय आदित्य पर किया जो अपने मामा के घर आया हुआ था.

हमले में दोनों बच्चों की दुखद मौत हो गई बच्चों के अधकटे शव जंगल से बरामद किए गए हैं.

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों बच्चों के शवो को बरामद कर लिया गया है.

परंतु  यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि यह हमला एक ही तेंदुए द्वारा किया गया या फिर दो अलग-अलग तेंदुए  है.

विश्व वन्य कोष के अधिकारी ने दोनों परिवार को दस हजार रुपये मुआवजे के तौर पर दिया है.

क्षेत्र में तेंदुए कि दोबारा हमला करने की संभावनाएं बनी हुई है. इसके चलते गांव वालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

आपको बताते चलें की लगभग 1 महीने में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुए को देखा गया है.

राजधानी लखनऊ में 15 दिनों तक तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली.

इस दौरान तेंदुए ने 15 लोगों को घायल भी किया लेकिन वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने में कामयाब नहीं रही, 

बाद में अधिकारियों ने कहा कि लखनऊ शहर से 5 किलोमीटर की दूरी पर जंगलीय क्षेत्र है.

तेंदुआ नदी के किनारे से होते हुए जंगल वापस चला गया होगा. इसके बाद मथुरा में तेंदुआ देखा गया.

बाराबंकी में भी तेंदुआ देखा गया था. जिसके बाद लोगों के बीच में दहशत फैल गई थी.

मोहम्मद अनवार खान